Thursday, May 19, 2011

आधुनिक दौर में विलुप्त होती पुरानी परम्पराएँ


सिरोही (राजस्थान)। आधुनिकता के बदलते इस नये परिप्रेक्ष्य ने मानव जीवन की दिनचर्या ही बदल दी है। वैज्ञानिक तकनीकि के नये नये साधन आने से किसान भी अपने पुराने साधनो को भूल गये है साथ ही उनके बैलांे की घंटियो की आवाज ही लूप्त हो गई है। जानकारी अनुसार भारत एक कृषि प्रधान देश है, भारत की अर्थव्यवस्था खेती पर निर्भर है इस नये युग के चलते वैज्ञानिको ने किसानों के खेती में काम आने वाले नये नये साधन विकसित किये टेªक्टर ट्रोली हेरा कल्टी इत्यादी जिसके चलते किसान अपने पुराने साधनो को भूल चुकी है जिससे उनको काम मे जरूर इजाफा हुआ है मगर इसी साधनो ने उनके शरीर को भी कमजोर बना दिया है। वराडा देलदर मंडवारिया बरलूट जावाल व आसपास के ग्रामीणों नें बताया की खेतों या कुओं पर खोदाई कार्य करने के लिए हल जोतना पड़ता था एवं चारा पानी व अन्य सामान धोने के लिए बैल गाडीयों का सहारा लिया जाता था यहां तक की शादी-ब्याह में बारात भी बैलगाड़ी में बैठ कर जाती थी, एवं गावों में एक एक किसान के पास दो दो बैलों की जोड़िया रहती थी, वराडा गांव में 40-50 जोड़िया थी लेकिन आज मात्र 1-2 जोडी ही रह गई है वह भी इसलिए की इस मंहगाई के युग मे हर कोई टेªक्टर या ट्रोली नही खरिद सख्ता, मगर आज के युग मे बैल रखना भी मुश्किल पड रहा है निरतंर बैलो की कमी हो रही है। काश्तकार छोगाराम ने बताया कि पहले बैलों की पूजा की जाती थी उसके गर्दन में घुंघूरू बांधते थे व उनका पूरा पालन पोषण होता था। खेतो में काम करते वक्त उनके घुंघूरूओ की आवाज भी सबको मोहित कर देती थी मगर अब बैलो के साथ घंटियो की आवाज भी लुप्त हो गई है। आज गावों में या शहरों में इक्का-दुक्का ही बैलगाडियां देखने को मिलती हैं जिसे देखने को लोग दोड़ पड़ते हैं। 
लेखक रमेश सुथार पेन्टर सिरोही (राजस्थान) के निवासी एवं पत्रकार हैं। Posted on- 19/05/11  rainbownews.in

Wednesday, May 18, 2011


सिरोही (राजस्थान)। (रमेश पेन्टर) आबूरोड की पहाडियों में शुक्रवार को बीएसएफ का हेलिकाप्टर दुर्घटनाग्रस्ट होने की जांच करने के लिए शनिवार को दिल्ली से नागरिक उडडयन विभाग के विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर पहुंची । टीम ने मौके पर पडे हेलिकाप्टर के मलबे की जांच शुरू की।
शनिवार सुबह गांधीनगर से पहुचे बीएसएफ गुजरात सीमांत के आईजी अरूण कुमार सिन्हा ने मौका मुआयना किया।बाद मे दिल्ली से नागरिक उडडयन विभाग की ग्यारह सदस्यीय टीम निदेशक रामनाथ के साथ वहां पहंुची और जांच शुरू की।टीम ने हेलिकाप्टर के मलबे में कांकपिट वाइस रिकार्डर सहित कई महत्वपूर्ण उपकरणों की जांच की।वहां बिखरे पडे सामान और मोबाईल फोन से पायलाट की हेलिकाप्टर में आई तकनीकी खराबी जानने का प्रयास किया।उन्होने प्रत्यक्षदर्शियों से हेलिकाप्टर में आग लगने और इमरजेंसी लैंडिग का प्रयास करने के बारे में भी जानकारी ली।
पुलिस ने हादसे मे मारे गए अमुतसर निवासी कैप्टन वीरेन्द्रसिंह बल,को पायलट बीएसएफ के डिप्टी कमाडेंट झुंझुनू के उदामंडी निवासी विवेक चौधरी,बीएसएफ के सब इंसपेक्टर रतकुडिया भोपालगढ निवासी सोहनलाल व जोधपुर मालवीय नगर निवासी इंजीनियर सतपालसिंह के शव का मौके पर ही मेडिकल बोर्ड से पांेस्टमार्टम करवाकर उन्हे आगे के लिए भेजा।सब इंस्पेक्टर व पवन हंस के इंजीनियर का अंतिम संस्कार जोधपुर में किया गया।
 Report- रमेश पेन्टर (rainbownews.in)

Saturday, May 14, 2011

swami narayan temple bhuj

आबू रोड में दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर चेतक एआरआर-3525 में गृह राज्यमंत्री गत 2 अप्रैल को जैसलमेर से तनोट बॉर्डर पर जाने वाले थे, लेकिन तब अचानक खराबी आने की वजह से हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया था। इस वजह से गृह राज्यमंत्री को सड़क मार्ग से बॉर्डर जाना पड़ा। मूंगथला के पास फतेहपुरा गांव की भीमगुडा फली में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में शवों को देखकर ग्रामीणों का दिल दहला दिया। हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण उठते धुएं को देखकर पायलट ने गांव में लैंड करने की कोशिश की, लेकिन इससे पहले ही हुए विस्फोट में चार जनों की मौत ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हेलिकॉप्टर में तकनीकी खामी आने के बाद फतेहपुरा गांव के भीमगुडा फली की पहाडिय़ों के आसपास चक्कर लगाया। इसके बाद पायलट ने अपेक्षाकृत समतल जमीन देखकर एक टेकरी के पास हेलिकॉप्टर को उतारने का प्रयास किया, लेकिन हेलिकॉप्टर के नीचे आते ही उसमें दो-तीन विस्फोट होने के बाद आग लग गई। घटना में चालक व अन्य लोग बाहर नहीं निकल पाए तथा हेलिकॉप्टर की दोनों तरफ दो-दो शव बैठी अवस्था में ही अधजले रह गए। विस्फोट के बाद विमान का मलबा ही पूरी तरह जलकर बिखर गया

Friday, May 13, 2011

सिरोही  किसानों को भूमि विकास बैंक से मिलने वाले ऋण के ब्याज बढ़ाए जाने के विरोध में क्षेत्रीय विधायक ओटाराम देवासी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आदेश वापस लेने की मांग की है।

विधायक ने बताया कि राजस्थान में सहकारी भूमि विकास बैंकों की ओर से किसानों को नाबार्ड से उधार लेकर हर प्रकार की आवश्यकता पूर्ण करने के लिए ऋण दिया जा रहा है और नाबार्ड राज्य सरकार की गारंटी पर राजस्थान सहकारी भूमि विकास बैंक लि. जयपुर को ऋण दे रहा है, जिसकी राज्य सरकार ने गांरटी शुल्क 0.10 प्रतिशत लिया जा रहा था।इसे बढ़ाकर 1.00 प्रतिशत किया गया है। इसका सीधा प्रभाव राज्य के किसानों पर पड़ेगा, क्योंकि गांरटी कमीशन बढ़ाने से करीब 12 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान करने से जो ऋण 13.50 प्रतिशत पर दिया जा रहा है। वहीं अब 18.50 प्रतिशत हो जाएगा। इस बढ़ोतरी को लेकर किसानों में भारी आक्रोश है तथा किसानों पर इतना भारी ब्याज दर लगाने से किसान भूमि विकास बैंकों से विमुख होकर बिचौलियों व आड़तियों के चंगुल में फंसता जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर किसानों एवं सहकार हित को ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग के आदेश को वापस लेने की

मांग की।

तबियत बिगड़ने से बस यात्री की मौत


सिरोही (राजस्थान)। गुजरात के वापी से अपने प्रदेश को लौट रहे एक युवक की सियाणा (जालोर) के  निकट बस में ही सासों की डोर टुट गई।सूचना मिलने बाद उसके परिजन वाले पहुचे और शव अपने साथ गांव ले गये।यात्री मुडी निवासी भीम सिह पुत्र बहादुरसिह राठौड के अनुसार यह युवक वापी से सोमवार को एमआर ट्रावेल्स की बस से रवाना हुआ था, बस मे सीट की जगह नही मिलने के कारण यह बस की आगे गैलेरी मे सीट पर बैठा था उसकी अचानक तबीयत के बिगडने पर शंभूसिह ने अपनी सीट दे दी थी। उसे कई बार उल्टी भी हुई एवं सियाणा के निकट उसे खून की उल्टी हुई यह जानकारी बस चालक को होते ही परिचालक व अन्यो की मदद से उसे सियाणा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मे भर्ती कराया जहां चिकित्सको ने उसे मृत घोसित किया।सूचना मिलने पर सियाणा के चौकी  से एएसआई मोहनलाल चौधरी मौके पर पहुचे तथा जानकारी की गई तो  उसकी पहचान बिशनगढ निवासी भीमाराम पूत्र लालाराम मेघवाल के रूप मे की गई। पुलिस ने मृतक के परिजनो को सूचित किया उसके बाद परिजन आए तथा उसका शव ले गये परिजनों ने बताया कि वह टीबी की बीमारी से ग्रसित था।
Report- रमेश पेंटर